X Close

Top
GET HEALTHY NOW -
NEWS, ARTICLES AND HEALTH TIPS
Internet Addict

इंटरनेट की लत भी शराब से कम नहीं (Internet Addiction or Cyber Addiction)

इंटरनेट की लत भी शराब से कम नहीं (Internet Addiction or Cyber Addiction)

आज इंटरनेट जीवन का एक महत्त्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। व्हट्सऐप, फ़ेसबुक, ट्विटर का उपयोग आज संचार का एक महत्त्वपूर्ण तरीक़ा बन गया है। आज की युवा पीढ़ी ऑनलाइन गेम्ज़ पर अपना बहुत अधिक समय ख़र्च करते हैं। इसके कारण इंटरनेट की लत को विकसित होने में अधिक समय नहीं लगता।

हालाँकि कुछ लती स्वयं यह नहीं मानते की वो इंटरनेट के बिना नहीं रह सकते। लेकिन, इंटरनेट से वंचित कर देने पर यदि उनका मूड ख़राब रहने लगे, वो बिगड़ैल, बेचैन और चिड़चिड़े होने लगे, रातों को उनको नींद ना आए या पसीना छूटने के दौरे पड़ने लगें, तो मतलब यही है कि वो इंटरनेट के लती बन चुके हैं।

इंटरनेट पर उनकी निर्भरता उन्हें निकम्मा, उदास या इतना विषादग्रस्त भी बना सकती है कि उन्हें लगने लगे कि इंटरनेट के बिना जीना कोई जीना नहीं है।

जो लोग पहले से ही दूसरों से कटे-फटे अकेले रहने के आदी होते हैं, चिंता और दुःख में डूबे रहते हैं, उनके लिए इंटरनेट, शराब या किसी दूसरे नशे जैसा ग़म कम करने वाला एक सुखद बहाना बन सकता है। ऐसे लोगों को इंटरनेट से दूर हटाना एक टेढ़ी खीर जैसा है।

युवाओं की पसंद है मस्ती और मज़ा

बच्चों और युवाओं के लिए इंटरनेट की दुनिया हॉलीवुड और बॉलीवुड जैसी रंगरेलियों की, मज़ा और मस्ती की, केवल वर्तमान में जीने और भूत-भविष्य को भूल जाने की दुनिया है।

उन्हें सेक्सी व रोमांचक फ़िल्में, ऊँचा और उत्तेजक संगीत या फिर ख़ूब मारधाड़ वाले कम्प्यूटर गेम चाहिए।

फ़ेसबुक पर बहकने और ट्विटर पर चहकने का मौक़ा चाहिए। पढ़ने-लिखने या जानकारियां जुटाने में इंटरनेट की उपयोगिताओं के होने के औचित्य को सिद्ध करना एक अकाट्य तर्क भर है।

माँ-बाप कब तक सर पर सवार हो कर देखते रहेंगे की बच्चे क्या जानकारी जुटा रहे हैं। ज़रूरी नहीं है की बच्चे इंटरनेट के आदी बन ही जाएँ। पर, यह भी तो ज़रूरी नहीं कि वो उसका उपयोग केवल पढ़ाई-लिखाई और ज्ञानार्जन के लिए ही करेंगे।

दिमाग़ पर इंटरनेट की लत के हानिकारक प्रभाव

हाल के शोध से पता चलता है कि इंटरनेट की लत के कारण दिमाग़ में होने वाले परिवर्तन अन्य मादक पदार्थों की लत के समान है।

इंटरनेट की लत से ध्यान और अकाग्रता में कठिनाई, स्मृति समस्या (memory problem), चिड़चिड़ापन, नींद की समस्या (sleem problem), अवसाद (depression), चिंता (anxiety), मोटापा, और दिल की समस्या जैसी गम्भीर समस्याएँ होती हैं।

इंटरनेट की लत के उपचार

आज के समय में नयी दवाओं, cognitive behavior therapy (CBT) और मनोचिकित्सा (psychotherapy) इंटरनेट की लत छुड़ाने में अच्छे परिणाम दिखा रहे हैं। फिर भी इंटरनेट की लत छुड़ाने का अभी तक कोई भरोसेमंद उपचार दुनिया के किसी भी देश के पास नहीं है।

शराब, गाँझे, भांग या हेरोइन जैसे मादक द्रव्यों की लत छुड़ाना तो इस दृष्टि से फिर भी कुछ आसान है क्योंकि वो सब किसी के खान-पान या व्यवसाय का अनिवार्य हिस्सा नहीं होते। एक बार उपचार होने पर उन्हें दुबारा हाथ लगाने की कोई अनिवार्यता नहीं होती।

लेकिन, कम्प्यूटर और इंटरनेट तो रोज़ी-रोटी से भी जुड़े हैं। अनेक व्यवसायों और मानवीय सम्पर्कों-संवादों के अभी से ऐसे अभिन्न अंग बन गए हैं, या शीघ्र बन जाएँगे, की उनसे तो पिंड छुड़ाना सम्भव ही नहीं हो पाएगा।

ऐसे में केवल यही रास्ता बचता है कि किसी को कम्प्यूटर और इंटरनेट थमाने से पहले उसे अच्छी तरह उसके शारीरिक, मानसिक और अपराधिक ख़तरों के प्रति आगाह किया जाए, जोकि उसके जीवन को बर्बाद कर सकते हैं।

इस तरह से हम इंटरनेट की लत के विकास को रोक सकते हैं।

Metro Hospital
No Comments

Sorry, the comment form is closed at this time.